इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री की 2021 की केंद्रीय/राज्य सरकारों की मुख्य नीतियाँ

साल 2021 में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इंडस्ट्री में बड़ी ऑटो कंपनियों के साथ कई छोटी/स्टार्ट अप कंपनियों ने भी एंट्री की है.

इसका कारण भारत सरकार द्वारा दी जानेवाली बहुत सारी स्कीम्स/इन्सेन्टिव्स हैं जो इस इंडस्ट्री को प्रोत्साहन देने के लिए दी गई हैं.

इन सबमे सबसे मुख्य स्कीम है- फेम 2 प्रोग्राम जिसके अंतर्गत 165000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को सब्सिडी दी गई है.

दूसरी प्रमुख स्कीम जो भारत सरकार ने दी है वो है प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) प्रोग्राम जो ऑटो और ऑटो कंपोनेंट्स के लिए एप्लीकेबल है.

भारत सरकार/केंद्रीय सरकार के अलावा, बहुत सारी राज्य सरकारों ने भी बहुत सारे स्कीम्स/इन्सेन्टिव्स इस इंडस्ट्री को डेवेलोप करने के लिए दिए हैं.

असम गवर्नमेंट अगले 5 सालों में राज्य में इलेक्ट्रिक व्हीकल की संख्या टोटल व्हीकल का 25% करने का प्लान कर रही है.  इसके लिए वो पहले 2 लाख इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए सपोर्ट देगी.

ओडिशा गवर्नमेंट इलेक्ट्रिक व्हीकल के खरीदारी पर 15% सब्सिडी देगी. सरकार का प्लान है कि 2025 तक राज्य में इलेक्ट्रिक व्हीकल पुरे व्हीकल्स का 20% हो जाएँ.

राजस्थान सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक 2 & 3 व्हीलर के सेल पर स्टेट GST को रिम्बर्स करेगी.

गोवा सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को प्रोत्साहन देने के लिए इलेक्ट्रिक 2 व्हीलर को 30 हजार Rs तक का सब्सिडी देने का ऐलान किया है.

महाराष्ट्र सरकार भी अपने राज्य में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के परचेस पर 2.50 लाख Rs तक का सब्सिडी दे रही है.

गुजरात सरकार अपने राज्य में इलेक्ट्रिक व्हीकल की खरीदारी पर 20000 Rs से 150000 Rs तक का सब्सिडी दे रही है.

इन सबके अलावा, भारत सरकार ने  देश में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन को कई शहरों और हाईवे के पास स्थापित करने का प्लान किया है.

केंद्र और राज्य सरकारों की इन प्रोत्साहन भरी नीतियों से देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बहुत बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे.