इलेक्ट्रिक व्हीकल डीलरशिप कैसे लें/डीलर कैसे बने

इंडिया में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को लोग गंभीरता से ले रहे हैं और इसको पेट्रोल/डीजल व्हीकल्स की तुलना में ज्यादा प्रेफर कर रहे हैं.

2030 तक इंडिया में 10 करोड़ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स होंगे जो एक बहुत बड़ी अपोर्चुनिटी (मौका/अवसर) की तरफ इशारा करते हैं

व्हीकल डीलरशिप एक बहुत ही लाभदायक बिज़नेस है और इलेक्ट्रिक व्हीकल के उज्जवल भविष्य को देखते हुए ये निस्संदेह एक सुनहरा मौका है.

इलेक्ट्रिक व्हीकल डीलरशिप लेने से पहले बहुत सारी चीजों को डिटेल में रिसर्च करना चाहिए.

इस बात को पता करना चाहिए कि किस प्रकार के व्हीकल की ज्यादा डिमांड है और उपभोक्ता किस व्हीकल को पसंद करते हैं. 

उपभोक्ता की कैटेगरी को पहचानना और एक मजबूत और कुशल टीम- इन सब बातों का ध्यान रखना बहुत जरुरी है.

सोच समझ कर अच्छे और अनुभवी लोगो को अपने टीम में रखना चाहिए जो उपभोक्ता के साथ अच्छे से पेश आएं/व्यवहार करें.

एक अच्छी कंपनी का डीलरशिप लेने के लिए 1000-2000 स्क्वायर फ़ीट की जगह की जरुरत होती है. 

इसके अलावा 1 महीने का स्टॉक चाहिए. इन सबके बाद कंपनी के वेबसाइट पर जाकर दिए हुए फॉर्म को भी भरना पड़ता है.

इसके बाद कंपनी के एम्प्लोयी आपको संपर्क करके आगे के स्टेप्स समझाते हैं और आपको अच्छे से गाइड करते हैं.

भारत सरकार के विज़न को देखते हुए ये निश्चित तौर पर कह सकते हैं कि देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का भविष्य बहुत उज्जवल है.