दिल्लीवाले अब बहुत जल्द अपने पुराने वेहिकल्स को इलेक्ट्रिक वेहिकल्स में बदल सकेंगे | Soon People of Delhi Can Convert Their Old Vehicles in Electric Vehicles

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परिचय:

नया इलेक्ट्रिक वेहिकल खरीदना बहुत सारे लोगों के लिए अभी भी महंगा है.केंद्र और राज्य सरकारें इलेक्ट्रिक वेहिकल्स खरीदने के लिए कई इन्सेन्टिव्स/सब्सिडी भी दे रही हैं. लेकिन इन सबके बाद भी इलेक्ट्रिक वेहिकल्स आम जनता के लिए अभी भी महंगे हैं. इन सबके लिए सबसे आसान उपाय है- पुराने पेट्रोल/डीजल वेहिकल्स को इलेक्ट्रिक किट के द्वारा इलेक्ट्रिक वेहिकल्स में बदलना.

विवरण:

अब दिल्ली सरकार ने अपने राज्य में पुराने पेट्रोल/डीजल वेहिकल्स को इलेक्ट्रिक वेहिकल्स में बदलने के लिए एक नयी नीति जारी की है. इस नीति के जरिये दिल्ली में उपभोक्ता अपने पुराने पेट्रोल/डीजल वेहिकल्स में इलेक्ट्रिक किट लगाकर इन्हे इलेक्ट्रिक वेहिकल्स में बदल सकते हैं. 

इलेक्ट्रिक किट से पुराने पेट्रोल/डीजल वेहिकल्स को इलेक्ट्रिक वेहिकल्स में बदलना नए इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को खरीदने से बहुत ही सस्ता होता है. इससे सामान्य उपभोक्ता कम कीमत में इलेक्ट्रिक वेहिकल्स अपना सकता है. 

दिल्ली सरकार के साथ इलेक्ट्रिक किट के 10 मनुफक्चरर्स ने रजिस्टर किया है. ये मनुफक्चरर्स अपनी इलेक्ट्रिक किट को उपभोक्ताओं को सप्लाई करेंगे जिसे उपभोक्ता अपने पुराने पेट्रोल/डीजल वेहिकल्स में लगाकर इन्हे इलेक्ट्रिक वेहिकल्स में बदल सकते हैं. 

इन इलेक्ट्रिक किट को अपने वेहिकल्स में लगाने से पहले इंस्टालर से इन वेहिकल्स को इलेक्ट्रिक किट के लये फिटनेस के लिए चेक कराना पड़ेगा. उसके बाद इन इलेक्ट्रिक किट के इंस्टालर उपभोक्ता को वेहिकल्स के इलेक्ट्रिक किट के लिए जरुरी फिटनेस के बारे में समझाएंगे. 

इलेक्ट्रिक किट लगाने से पहले इलेक्ट्रिक किट के इंस्टालर/कंपनी को ग्राहक से उनकी लिखित में मंजूरी लेना जरूरी होगा. किट के लगने के बाद इनके इंस्टालर से एक फिटनेस टेस्ट साल में कम से कम एक बार कराना होगा.

इन इलेक्ट्रिक किट को अपने पुराने पेट्रोल/डीजल वेहिकल्स में लगाने का खर्च 3-5 लाख Rs का आएगा जो बैटरी कैपेसिटी और रेंज पर निर्भर करेगा. 

दिल्ली सरकार की इस नीति के अंतर्गत, इलेक्ट्रिक किट के इंस्टालर कंपनी को अपने तकनीशियन को इलेक्ट्रिक किट के बारे में पूरी और अच्छी ट्रेनिंग देनी होगी. इसके अलावा, इन इंस्टालर कंपनियों को इलेक्ट्रिक किट इनस्टॉल हुए सारे वेहिकल्स का रिकॉर्ड मेन्टेन करना पड़ेगा जिसे सरकार को जरुरत पड़ने पर देना होगा.   

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (National Green Tribunal- NGT) ने दिल्ली NCR में 10 साल से पुराने डीजल वेहिकल्स और 15 साल से पुराने पेट्रोल वेहिकल्स के रजिस्ट्रेशन और चलने पर प्रतिबन्ध (restriction ) लगाया है. दिल्ली में 10 साल से पुराने 1.5 लाख डीजल वेहिकल्स हैं और 15 साल से पुराने 28 लाख पेट्रोल वेहिकल्स हैं. इन सारे पुराने वेहिकल्स के मालिक (owners) अपने वेहिकल्स में इलेक्ट्रिक किट लगवा कर इन्हे दिल्ली NCR में चला सकते हैं.

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सारांश:

इस नीति से दिल्ली में इलेक्ट्रिक वेहिकल्स को बहुत बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा जिससे उपभोक्ता को नया इलेक्ट्रिक वेहिकल नहीं खरीदना पड़ेगा. इससे NGT के आर्डर से जिन वेहिकल्स के चलने पर पाबन्दी हो गयी थी, उन्हें भी अब इलेक्ट्रिक वेहिकल्स में बदलकर चलाया जा सकता है. 

FAQs:

क्या इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना सही है?
इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना बिलकुल सही है क्यूंकि इसको चलाने में पेट्रोल/डीजल से चलने वाले स्कूटर्स से काम खर्च आता है. इसके अलावा, इसके मेंटेनेंस में भी कम खर्च होता है.
इंडिया का पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर कौन है ?
Ather Energy का S340 मॉडल देश का पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर था. 
भारत के बड़े इलेक्ट्रिक स्कूटर कम्पनियाँ कौन कौन सी है ?
Ather Energy, Revolt Motors, Bajaj Auto, TVS Motor, Hero Electric, Okinawa ,Ola Electric,Simple Energy और Okaya Electric देश की कुछ बड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनियां हैं.
इंडिया को इलेक्ट्रिक कार की जरूरत क्यों है ? 
देश में बढ़ती प्रदुषण (pollution) समस्या से निबटने के लिए हमें इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को प्रमोट करने की जरूरत है. समय के साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को चलने के लिए बैटरी जैसे पावर सोर्स और भी क्लीन होते जायेंगे जो कि पर्यावरण (environment) के लिए अच्छे होंगे. 
क्या भारत में इलेक्ट्रिक कार सफल (successful) हैं ?
देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स- इलेक्ट्रिक कार्स और इलेक्ट्रिक स्कूटर्स पिछले साल की तुलना में अच्छी बिक्री (sales) नंबर रजिस्टर कर रहे हैं. इससे ये साबित होता है कि जनता इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को खुले दिल से स्वीकार रही है. इसके साथ सरकार के अनेकों प्रमोशनल स्कीम्स देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स सेल्स को जरूर प्रोत्साहित करेंगे. 
इंडिया की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार कौन सी है ?
स्टॉर्म R3 इंडिया की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार है जो 4.5 लाख Rs (एक्स शोरूम) में आती है. इसके बाद टाटा altroz इलेक्ट्रिक कार है जो 5.26 लाख Rs में आती है. 
इंडिया में कौन कौन कंपनी इलेक्ट्रिक कार बनाती हैं?
देश की सबसे पहली इलेक्ट्रिक कार कंपनी महिंद्रा है जिसने इंडिया की पहली इलेक्ट्रिक कार Reva को 2001 में ही लांच कर दिया था. बाद में कंपनी ने Mahindra E20 और eVerito जैसे नए मॉडल्स भी लांच किया है. महिंद्रा के अलावा टाटा मोटर्स, हुंडई और अशोक लेलैंड कुछ दूसरे बड़े इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी हैं. 

About Post Author

Nitin Kashyap

Nitin Kashyap has interest in electric vehicle industry. He has substantial experience in Business/Economic/Market Research. Nitin holds BA and MBE [Master of Business Economics] degree. He knows Spanish, English & Hindi languages. His likes blogging, reading and traveling.
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