इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की नयी सरकारी पॉलिसी इस सेक्टर के लिए अत्यंत लाभकारी | New government policy for Electric Vehicles Industry is extremely beneficial

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परिचय:

भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की माँग और ग्राहकों द्वारा इसको खुले दिल से स्वागत/स्वीकार को देखते हुए सरकार ने भी नए कदम उठाये हैं. 

देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के उत्पादन (प्रोडक्शन) और बिक्री (सेल) को प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार ने एक चालू योजना- ऍफ़. अ. म. इ. (फेम) फेज II को 31 मार्च 2024 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है. 

विस्तार:

ऍफ़. अ. म. इ. (फेम) का पूरा मतलब है – फास्टर एडॉप्शन & मैन्युफैक्चरिंग ऑफ़ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल. भारत सरकार ने फेम फेज I स्कीम को 1 अप्रैल 2015 को 2 सालों के लिए लांच किया था जिसे समय समय पर बढ़ाया गया. इसको अंतिम बार 31 मार्च, 2019 तक एक्सटेंड किया गया था. 

1 अप्रैल 2019 को फेम फेज II को इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के विकास और स्वीकृति के लिए 2 सालों के लिए लांच किया गया था जिसको अब 2 साल और बढ़ने का निर्णय लिया गया है. 

ऍफ़. अ. म. इ. (फेम) फेज II स्कीम की खास बातें:

  1. इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की न्यूनतम सीमा 20% से बढ़ा कर 40% कर दी गयी है.  
  2. इस स्कीम के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव अमाउंट) हर kwh पर 10,000 Rs से बढ़ा कर 20,000 Rs कर दिया गया है. 
  3. भारत सरकार का ये  प्रयास है की 2030 तक नए कार और दो पहिया (2 व्हीलर्स) की बिक्री का 30% योगदान इलेक्ट्रिक व्हीकल्स से हो. 
  4. इस प्लान के अंतर्गत 4 क्षेत्रों (एरियाज) पर विशेष ध्यान दिया गया है- तकनिकी विकास, माँग पैदा करना, पायलट प्रोजेक्ट्स और शुल्क आधारित ढाँचा (फी बेस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर)

इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल पावर सप्लाई सिस्टम और चार्जिंग ढाँचा (इंफ्रास्ट्रक्चर)- ये सब मिलकर देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे. 

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निष्कर्ष:

हमारा देश अन्य विकसित और विकाशशील देशों से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के मामले में बहुत पीछे है. भारत सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के व्यापक विकास के लिए चाहती है क़ि जनता इसको खुले दिल से स्वीकारे। इससे पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव भी नहीं होगा और हम तेल आयत पर अपनी निर्भरता भी कम कर पाएँगे.

FAQs:

फेम 2 सब्सिडी क्या है?
भारत सरकार “फास्टर एडॉप्शन & मैन्युफैक्चरिंग ऑफ़ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (FAME)” स्कीम  के अंतर्गत इलेक्ट्रिक व्हीकल्स खरीदने पर छूट देती है.
फेम 2 स्कीम को 1 अप्रैल 2019 को 10,000 करोड़ Rs बजट के साथ स्टार्ट किया गया था. इस स्कीम के अनुसार सरकार पचपन हजार से ज्यादा पैसेंजर व्हीकल्स (1  लाख इलेक्ट्रिक 2  व्हीलर्स, पांच लाख 3  व्हीलर्स और 7 हजार इ -बसों) को सब्सिडी देगी.
इलेक्ट्रिक स्कूटर पर सब्सिडी कैसे मिलती है?
ये सब्सिडी पाने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ़ हैवी इंडस्ट्री, मिनिस्ट्री ऑफ़ हैवी इंडस्ट्रीज & पब्लिक इंटरप्राइजेज, गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया के ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना पड़ेगा. 
इलेक्ट्रिक बाइक पर सब्सिडी कितनी है?
इसकी कीमत ग्राहकों के लिए कम हो, इसके लिए केंद्र सरकार बैटरी की कीमत पर सब्सिडी (Subsidy on Battery) देती है। हाल में ही इसे बढ़ाया भी गया है। इस समय केंद्र की तरफ से हर इलेक्ट्रिक टू व्हीलर (E 2 Wheeler) पर प्रति किलोवाट 20,000 Rs रुपये की सब्सिडी मिलती है.
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर 5% GST अप्लाई होता है. इसके अलावा, बहुत सारे राज्य सरकारों ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर रोड टैक्स भी फ्री कर दिया है.

About Post Author

Nitin Kashyap

Nitin Kashyap has interest in electric vehicle industry. He has substantial experience in Business/Economic/Market Research. Nitin holds BA and MBE [Master of Business Economics] degree. He knows Spanish, English & Hindi languages. His likes blogging, reading and traveling.
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