इलेक्ट्रिक वेहिकल की माइलेज और रेंज कैसे बढ़ाएं | How to Increase Mileage & Range of an Electric Vehicle

0 0
0 0
Spread the love
Read Time:12 Minute, 3 Second

परिचय:

भारत में इलेक्ट्रिक वेहिकल्स की संख्या में कुछ समय से अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई है. लोगो के इंटरेस्ट को देखते हुए बहुत सारी इलेक्ट्रिक वेहिकल्स कंपनियों ने अच्छे और तकनीकी रूप से एडवांस मॉडल  मार्केट में लांच किया है. इन वेहिकल्स से सामान्य जनता पेट्रोल/डीजल की बचत तो कर पाती है उसके अलावा वो अपने पर्यावरण को भी अच्छा रखने में मदद करती है. लोगो को ये इलेक्ट्रिक वेहिकल्स बहुत पसंद भी आ रहे हैं क्यूंकि  मार्केट में इनकी बिक्री बढ़ती जा रही है.

विवरण:

इलेक्ट्रिक वेहिकल्स कंपनियां अपने ग्राहकों से मॉडल को लांच करने के समय लम्बे रेंज और माइलेज की बात करती है लेकिन असल में कभी कभी ग्राहकों को सही रेंज और माइलेज नहीं मिल पाती है. किसी भी इलेक्ट्रिक वेहिकल का रेंज वो डिस्टेंस है जो वेहिकल एक फुल चार्ज में कम्पलीट करती है. ड्राइविंग रेंज बहुत सारी बातों जैसे ड्राइविंग हैबिट्स, ड्राइविंग कंडीशंस, चार्जिंग हैबिट्स और वेहिकल पर लोड पर निर्भर करती है.

किसी भी इलेक्ट्रिक वेहिकल के रेंज को बढ़ाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए जिनमे से कुछ मुख्य नीचे दी गयी हैं.

1.व्हीकल की स्पीड धीरे धीरे बढ़ाएँ– सबसे मुख्य बात है कि किसी भी इलेक्ट्रिक वेहिकल की स्पीड को शुरू में स्टार्ट करते ही अचानक से नहीं बढ़ाना चाहिए (अक्सेलरेशन). शहरों में वेहिकल को धीरे धीरे ही चलना पड़ता है क्यूंकि बहुत सारे ट्रैफिक सिग्नल और भीड़ भाड़ के कारण वेहिकल्स को ऊँची स्पीड पर नहीं चला सकते हैं. ज्यादा अक्सेलरेशन से इलेक्ट्रिक वेहिकल्स की बैटरी जल्दी डिस्चार्ज होती है और उसकी लाइफ कम हो जाती है.

2. बैटरी को रोज चार्ज करें-  इलेक्ट्रिक वेहिकल्स की बैटरी को हमेशा फुल चार्ज रखना चाहिए. इससे वेहिकल्स की रेंज ज्यादा हो जाती है और वेहिकल अच्छे से चलती है.

3. टायर प्रेशर सही रखें- किसी भी वेहिकल के रेंज को बढ़ाने के लिए उसके टायर का प्रेशर स्टैण्डर्ड प्रेशर के बराबर रखना चाहिए. वेहिकल के टायर प्रेशर को कम से कम प्रति सप्ताह या महीने में दो बार जरूर चेक कराना चाहिए. इससे भी वेहिकल की रेंज बढ़ती है.

4. समय से सर्विसिंग कराएँ-  इलेक्ट्रिक वेहिकल्स को पेट्रोल/डीजल वेहिकल्स की तरह समय समय पर सर्विसिंग की जरुरत होती है. इलेक्ट्रिक वेहिकल्स को पेट्रोल/डीजल वेहिकल्स के जैसे सर्विसिंग की जरुरत नहीं पड़ती है. इन वेहिकल्स के सर्विसिंग में इलेक्ट्रीशियन/तकनीशियन वेहिकल की बैटरी, इलेक्ट्रिक कंपोनेंट्स, मोटर, ब्रेक्स, लुब्रिकेशन इत्यादि को चेक करता है और जरुरत के हिसाब से कोई पार्ट चेंज करता है. रेगुलर सर्विसिंग से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स बहुत स्मूथली चलते हैं और उनकी उम्र बढ़ जाती है.

5. वेहिकल से अनावश्यक भार हटाएँ- किसी भी इलेक्ट्रिक वेहिकल में पड़ी अनावश्यक भार (लोड) को हटाने से भी वेहिकल की रेंज बढ़ जाती है. ये भार वेहिकल के डिक्की में कोई अनावश्यक रखी चीज हो सकती है.

6. वेहिकल के चार्जर का ध्यान रखें- किसी भी इलेक्ट्रिक वेहिकल की रेंज और माइलेज उसके बैटरी पर निर्भर करती है. अगर बैटरी को सही से चार्ज किया जाए तो वेहिकल लम्बे समय तक चलेगा. इसलिए इलेक्ट्रिक वेहिकल के बैटरी चार्जर को अच्छे से रखना चाहिए. चार्जर को हमेशा सही और साफ़ कंडीशन में रखना चाहिए और उसे धूल/मॉइस्चर से बचा कर रखना चाहिए.

7. वेहिकल के भार/लोड का ध्यान रखें- किसी भी वेहिकल के लिए उसकी कंपनी एक आदर्श/स्टैण्डर्ड वेट/भार रेकमेंड करती है. इलेक्ट्रिक वेहिकल के रेंज को बढ़ाने के लिए उसके लिए सुझाए गए वेट से ज्यादा वेट नहीं रखना चाहिए. ज्यादा वेट से वेहिकल की बैटरी और मोटर डैमेज हो सकते हैं जिससे वेहिकल का रेंज कम हो सकता है. वेहिकल के रेंज के कम होने के बाद अगर उसपर कंपनी के सुझाए गए वेट रखने के बाद भी उसकी रेंज सही नहीं होगी. इसलिए वेहिकल के लिए सुझाए गए लोड/वेट का शुरू से ध्यान रखना चाहिए.

8. ज्यादा इलेक्ट्रिक एक्सेसरी नहीं रखें- किसी भी इलेक्ट्रिक वेहिकल के रेंज बढ़ाने के लिए उसमे अनावश्यक इलेक्ट्रिक एक्सेसरी नहीं रखें. ज्यादा इलेक्ट्रिक एक्सेसरी रखने से वेहिकल बैटरी की खपत ज्यादा करेगा और इससे उसकी बैटरी की लाइफ कम हो जाएगी. इसके लिए इलेक्ट्रिक वेहिकल में इलेक्ट्रिक एक्सेसरी किसी ट्रेंड एलेक्ट्रिसिकं या ऑथोराइज़्ड सर्विस सेंटर से ही लगवाना चाहिए. इससे वेहिकल के इलेक्ट्रिक सर्किट के डैमेज होने की संभावना नहीं होती है.

9. हाईवे पर ड्राइव ठीक से करें- इलेक्ट्रिक वेहिकल के रेंज को बढ़ाने के लिए हाईवे पर वेहिकल के ग्लास विंडो को बंद करके वेहिकल चलाना चाहिए.

10. सिटी में ड्राइव सिटी के हिसाब से करें- सिटी में इलेक्ट्रिक वेहिकल को धीरे से चलाना चाहिए और बिना जरुरत के अनावश्यक ब्रेक लगाने से बचना चाहिए. वेहिकल को हमेशा एक स्पीड से चलाना चाहिए. इससे वेहिकल के बैटरी पर ज्यादा जोर नहीं पड़ता है और उसकी लाइफ लम्बी रहती है.

11. सूरज की रौशनी से वेहिकल को बचाएँ- किसी भी इलेक्ट्रिक व्हीकल का मुख्य हिस्सा उसका बैटरी होता है. इलेक्ट्रिक वेहिकल को धूप में ज्यादा रखने से उसके बैटरी की लाइफ कम हो जाती है. इसलिए कोशिश करना चाहिए कि इलेक्ट्रिक वेहिकल्स को धूप में नहीं खड़ा करें.

ये भी पढ़ें:

देश में तेजी से लोग अपनी पेट्रोल वेहिकल्स को इलेक्ट्रिक में कन्वर्ट करा रहें हैं
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इंडस्ट्री में बेरोजगारों (फ्रेशर्स) को मिलेंगे जॉब्स ही जॉब्स

सारांश:

ऊपर बताई हुई बातों को ध्यान में रखने से इलेक्ट्रिक वेहिकल्स की रेंज कर माइलेज बढ़ेगी. इसके साथ साथ वेहिकल्स की उम्र भी बढ़ेगी.

इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इंडस्ट्री में नए नए प्लेयर्स के आने के साथ ये आशा की जा रही है कि कंपनियाँ बहुत सारे प्रोडक्ट्स लांच करेंगी जिनमे इलेक्ट्रिक स्कूटर्स, इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल्स, इलेक्ट्रिक साइकल्स और बाकी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स शामिल होंगे.

FAQs:

क्या इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना सही है?
इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना बिलकुल सही है क्यूंकि इसको चलाने में पेट्रोल/डीजल से चलने वाले स्कूटर्स से काम खर्च आता है. इसके अलावा, इसके मेंटेनेंस में भी कम खर्च होता है.
इंडिया का पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर कौन है ?
Ather Energy का S340 मॉडल देश का पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर था. 
भारत के बड़े इलेक्ट्रिक स्कूटर कम्पनियाँ कौन कौन सी है ?
Ather Energy, Revolt Motors, Bajaj Auto, TVS Motor, Hero Electric, Okinawa ,Ola Electric,Simple Energy और Okaya Electric देश की कुछ बड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनियां हैं.
इंडिया को इलेक्ट्रिक कार की जरूरत क्यों है ? 
देश में बढ़ती प्रदुषण (pollution) समस्या से निबटने के लिए हमें इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को प्रमोट करने की जरूरत है. समय के साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को चलने के लिए बैटरी जैसे पावर सोर्स और भी क्लीन होते जायेंगे जो कि पर्यावरण (environment) के लिए अच्छे होंगे. 
क्या भारत में इलेक्ट्रिक कार सफल (successful) हैं ?
देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स- इलेक्ट्रिक कार्स और इलेक्ट्रिक स्कूटर्स पिछले साल की तुलना में अच्छी बिक्री (sales) नंबर रजिस्टर कर रहे हैं. इससे ये साबित होता है कि जनता इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को खुले दिल से स्वीकार रही है. इसके साथ सरकार के अनेकों प्रमोशनल स्कीम्स देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स सेल्स को जरूर प्रोत्साहित करेंगे. 
इंडिया की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार कौन सी है ?
स्टॉर्म R3 इंडिया की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार है जो 4.5 लाख Rs (एक्स शोरूम) में आती है. इसके बाद टाटा altroz इलेक्ट्रिक कार है जो 5.26 लाख Rs में आती है. 
इंडिया में कौन कौन कंपनी इलेक्ट्रिक कार बनाती हैं?
देश की सबसे पहली इलेक्ट्रिक कार कंपनी महिंद्रा है जिसने इंडिया की पहली इलेक्ट्रिक कार Reva को 2001 में ही लांच कर दिया था. बाद में कंपनी ने Mahindra E20 और eVerito जैसे नए मॉडल्स भी लांच किया है. महिंद्रा के अलावा टाटा मोटर्स, हुंडई और अशोक लेलैंड कुछ दूसरे बड़े इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी हैं. 

About Post Author

Nitin Kashyap

Nitin Kashyap has interest in electric vehicle industry. He has substantial experience in Business/Economic/Market Research. Nitin holds BA and MBE [Master of Business Economics] degree. He knows Spanish, English & Hindi languages. His likes blogging, reading and traveling.
Happy
Happy
50 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
50 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Comment

x